पोप फ्रांसिस ने कैनरी द्वीप समूह का दौरा किया, जो अफ्रीका और अन्य संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से आने वाले प्रवासियों का एक प्रमुख प्रवेश द्वार है। उन्होंने इस अवसर पर मानवीय गरिमा के महत्व पर बल दिया और कहा कि किसी भी व्यक्ति के पास "पासपोर्ट" नहीं होना उसकी गरिमा को कम नहीं करता। पोप ने प्रवासियों की दुर्दशा और उनके अधिकारों की रक्षा करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने राजनीतिक संदेशों से भरे अपने संबोधन में, दुनिया के धनी देशों से शरणार्थियों के प्रति अधिक सहानुभूति और जिम्मेदारी दिखाने का आग्रह किया। यह दौरा, कैनरी द्वीप समूह में प्रवासियों की स्थिति और यूरोप में प्रवासन संकट के प्रति ध्यान आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण है। पोप फ्रांसिस का यह दौरा, मानवीय मूल्यों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के संदेश को प्रसारित करने का एक प्रयास है।