पोप ने प्रवासियों को उनके मूल देशों में वापस भेजने के विचार का विरोध किया है। यह विचार, जिसे ‘रीमाइग्रेशन’ कहा जा रहा है, यूरोप में कई दक्षिणपंथी दलों द्वारा समर्थित है। पोप का कहना है कि यह रवैया ईसाई मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर एक स्पष्ट रुख अपनाया है, जो वर्तमान में यूरोपीय राजनीति में गरमागरम बहस का विषय है। ‘रीमाइग्रेशन’ की अवधारणा का उद्देश्य अवैध प्रवासियों और शरणार्थियों को उनके गृह देशों में वापस भेजना है। पोप ने इस नीति को मानवता और करुणा के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है। उनका मानना है कि सभी मनुष्यों के साथ सम्मान और गरिमा के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए, चाहे उनकी राष्ट्रीयता या कानूनी स्थिति कुछ भी हो।
