राजनीतिक विश्लेषक जोवान्का माटिक ने REM (रेगुलेटरी अथॉरिटी फॉर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) परिषद के गठन को लेकर चल रही घटनाओं पर टिप्पणी की है। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया पहले की घटनाओं की पुनरावृत्ति है। माटिक के अनुसार, इस प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इस हस्तक्षेप से मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता खतरे में पड़ सकती है। उनका मानना है कि परिषद का गठन कानूनी और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए ताकि मीडिया पर किसी भी प्रकार का अनुचित दबाव न हो। माटिक ने इस बात पर जोर दिया कि मीडिया की भूमिका लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है और इसलिए इसकी स्वतंत्रता को बनाए रखना आवश्यक है। यह घटनाक्रम सर्बिया में मीडिया स्वायत्तता को लेकर चल रही बहस को और तेज कर सकता है।