राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए वीटो की जांच की संभावना जताई जा रही है। इस मामले में, क्रिस्ज़टोफ़ा नोवाका ने ई-डायरी के संबंध में अपना स्पष्ट रुख व्यक्त किया है। नोवाका ने राष्ट्रपति की वीटो पर सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की है। उनका कहना है कि ई-डायरी से संबंधित दस्तावेजों की गहन समीक्षा की जानी चाहिए। यह मामला पोलैंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है, क्योंकि इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही के सवाल शामिल हैं। नोवाका का मानना है कि जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है और सभी तथ्यों को उजागर किया जाना चाहिए। इस मामले पर आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।