पोलैंड की सत्तारूढ़ पार्टी, PiS (विधि और न्याय), में एक आंतरिक कलह उत्पन्न हो गई है। पार्टी नेतृत्व ने सदस्यों को निष्ठा की प्रतिज्ञा करने के लिए एक अल्टीमेटम दिया था, जिसका समय सीमा समाप्त हो चुकी है। पार्टी के एक महत्वपूर्ण सदस्य ने सार्वजनिक रूप से इस प्रतिज्ञा पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है, यह कहते हुए कि उन्होंने पहले ऐसा नहीं किया और भविष्य में भी नहीं करेंगे। इस इनकार से पार्टी के भीतर शक्ति संघर्ष और तेज हो गया है। अब सवाल यह है कि पार्टी में कौन रहेगा और कौन बाहर हो जाएगा। यह घटना PiS के भीतर दरार और राजनीतिक अस्थिरता की ओर इशारा करती है। इस स्थिति का पोलैंड की राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।