प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने वारसॉ के दक्षिणी अस्पताल में हुए घोटाले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने मामले की गहन जांच के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई है, चाहे इसमें कोई भी शामिल हो। टस्क ने कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार स्वास्थ्य सेवा में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए कानून में बदलाव लाने पर विचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछली गलतियों को वर्तमान गलत कार्यों के लिए बहाना नहीं बनाया जा सकता। प्रधानमंत्री ने ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति अपनाने की घोषणा की है, जिसका अर्थ है कि गलत काम करने वालों के लिए कोई रियायत नहीं होगी। यह घोटाला पोलैंड की स्वास्थ्य प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों को दंडित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
