नए आईपीएन (इंस्टीट्यूट ऑफ़ नेशनल मेमोरी) प्रमुख के रूप में मातेउज़ स्ज़पिटमा की नियुक्ति पर पोलिश सीम (संसद) ने सहमति व्यक्त की है। व्लादिस्लाव कोसिniak-कामysz ने कहा कि यदि सीनेट इस उम्मीदवारी को मंजूरी नहीं देती है, तो संस्थान राष्ट्रपति के प्रभाव में ही रहेगा। पीएसएल (पीपुल्स पार्टी) ने स्ज़पिटमा का समर्थन किया, जिसका कारण पार्टी नेता ने किसानों के स्मरण में इतिहासकार की भागीदारी बताया। कोसिniak-कामysz ने स्ज़पिटमा के जीवन के अनुभवों को समर्थन का आधार बताया। यह नियुक्ति पोलैंड की ऐतिहासिक नीति और राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस कदम से आईपीएन की भविष्य की दिशा पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

English
Français
Español
हिन्दी
中文