पूरे देश में बालवाड़ी में हजारों सीटें खाली हैं, और कई संस्थानों को बंद करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। स्थानीय सरकारें घटती जन्म दर के कारण उत्पन्न चुनौतियों का सामना कर रही हैं। यह स्थिति अब भविष्य की भविष्यवाणी नहीं बल्कि एक वास्तविकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समस्या के समाधान जन्म दर बढ़ाने के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी छिपे हैं। घटती जन्म दर के कारण आने वाले वर्षों में बच्चों की संख्या में और कमी आने की आशंका है। सरकारें इस स्थिति से निपटने के लिए नए उपायों पर विचार कर रही हैं। यह मुद्दा स्थानीय शासन के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है।