कॉन्फ़ेडरेशन पार्टी में दरार आ गई है, जिसका कारण यूरो सांसद इवा ज़ायचकोव्स्का-हेर्निक द्वारा स्थापित ‘रुच बियावो-चर्वोनी’ (Ruch Biało-Czerwoni) नामक संगठन है। पार्टी के भीतर, ‘नवा नाद्ज़ेजा’ (Nowa Nadzieja) गुट इस पहल को खतरे के रूप में देखता है, जबकि ‘रुच नारोडोवी’ (Ruch Narodowy) के नेता इसे शांत भाव से स्वीकार कर रहे हैं। इस असहमति के कारण पार्टी में पहले ही कुछ लोगों को हटाया जा चुका है। यह विभाजन पार्टी की आंतरिक नीतियों और भविष्य की दिशा को लेकर मतभेदों का संकेत देता है। ज़ायचकोव्स्का-हेर्निक के संगठन को लेकर पार्टी में जारी बहस के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। फिलहाल, पार्टी नेतृत्व इस मामले को सुलझाने के प्रयास कर रहा है, लेकिन भविष्य में और बदलाव की संभावना बनी हुई है। यह घटना पोलैंड की राजनीति में कॉन्फ़ेडरेशन की स्थिति को प्रभावित कर सकती है।
