राष्ट्रीय लेखा परीक्षा कार्यालय (NIK) की जांच में पता चला है कि प्रसूति देखभाल प्रदान करने वाले अस्पतालों में डॉक्टरों ने लगातार एक दिन से अधिक समय तक काम किया है, जिसमें कुछ ड्यूटी 96 घंटे तक चलीं। यह स्थिति डॉक्टरों पर अत्यधिक दबाव और थकान का संकेत देती है। NIK ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में आगे की जांच की घोषणा की है, जिसमें वारसॉ के दक्षिणी अस्पताल भी शामिल हैं। जांच का उद्देश्य कर्मचारियों की भर्ती और वेतन संरचना का विश्लेषण करना है। यह कदम डॉक्टरों की कार्य परिस्थितियों में सुधार और मरीजों को बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। NIK का मानना है कि लंबे समय तक ड्यूटी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में गंभीर कमियों को उजागर करती है। इन कमियों को दूर करने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।