कैथोलिक चर्च, बोध दिवस के अष्टक के बाद आने वाले पहले शुक्रवार को प्रभु यीशु के दिव्य हृदय को समर्पित करता है। वर्ष 2026 में यह उत्सव 12 जून को मनाया जाएगा। यह दिवस प्रभु यीशु के प्रेम और करुणा का प्रतीक है। पोलैंड ने इस महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सव की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दरअसल, पोलिश पहल के बिना, यह उत्सव आज जैसा जाना जाता, वैसा नहीं होता। इस उत्सव की उत्पत्ति और प्रसार में पोलिश भक्तों और धार्मिक नेताओं का योगदान उल्लेखनीय रहा है। अब यह उत्सव विश्वव्यापी रूप से मनाया जाता है और सभी चर्चों में महत्वपूर्ण माना जाता है।