पोलैंड की सत्तारूढ़ पार्टी, PiS (विधि एवं न्याय) को मिलने वाले अनुदान और सब्सिडी के भुगतान में देरी से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। यह मामला PiS को मिलने वाले सार्वजनिक धन के भुगतान में हुई बाधाओं से जुड़ा है। अदालत के फैसले से पार्टी के वित्तपोषण पर असर पड़ सकता है। मामले की सुनवाई के दौरान, PiS ने धन जारी करने में देरी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी। अदालत ने अपने फैसले में, कुछ पहलुओं पर PiS के पक्ष में और कुछ पहलुओं पर सरकार के पक्ष में निर्णय दिया है। इस फैसले के बाद, PiS अपनी वित्तीय गतिविधियों को जारी रखने में सक्षम होगी, लेकिन सरकार को भी अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। फैसले के विवरण अभी पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।