संवैधानिक न्यायालय की सामान्य सभा की बुधवार को निर्धारित बैठक नहीं हो पाई। संसद द्वारा नियुक्त न्यायाधीश बैठक में उपस्थित हुए थे, लेकिन न्यायालय के अध्यक्ष, बोगदान श्वेत्स्कोव्स्की ने उन्हें बैठक कक्ष छोड़ने के लिए कहा। बाद में जारी एक बयान में कहा गया कि बैठक "कोरम की कमी" के कारण नहीं हो सकी, क्योंकि दो न्यायाधीशों ने उपस्थिति सूची पर हस्ताक्षर नहीं किए। हालांकि, इन न्यायाधीशों का मानना है कि श्वेत्स्कोव्स्की ने बैठक न होने का "बहाना" बनाया। इस घटना से न्यायालय के भीतर तनाव और बढ़ गया है। यह विवाद न्यायाधीशों की नियुक्ति और न्यायालय की कार्यप्रणाली से संबंधित है। स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।
