पोलैंड के हवाई क्षेत्र में हुई हालिया घुसपैठ की घटना पर पूर्व विदेश मंत्री जान लिपाव्स्की ने कड़ी निंदा की है। उनका मानना है कि यह रूस की ओर से एक चेतावनी है और रूस सीमाओं का परीक्षण कर रहा है। लिपाव्स्की ने जोर देकर कहा कि चेक गणराज्य को अपनी रक्षा व्यय में वृद्धि करनी चाहिए और यह मानना बंद करना चाहिए कि यूक्रेन के खिलाफ रूसी आक्रमण से वह अप्रभावित रहेगा। वर्तमान विदेश मंत्री पेट्र मैकिका ने फिलहाल इस मामले पर सतर्कतापूर्वक प्रतिक्रिया व्यक्त की है, और कहा है कि वह पोलिश सरकार के अधिकारियों के बयानों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। इस घटना ने पूर्वी यूरोप में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यह घटनाक्रम नाटो देशों के बीच एकजुटता और तत्परता की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है।