पश्चिमी सहारा विवाद को लेकर मोरक्को की स्वायत्त शासन पहल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिल रहा है, वहीं अलगाववादी पोलिसारियो फ्रंट कूटनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ रहा है। इस स्थिति में, पोलिसारियो फ्रंट ने ज़िम्बाब्वे जैसे देशों से समर्थन जुटाने का प्रयास शुरू कर दिया है, जो शीत युद्ध की मानसिकता से प्रेरित हैं। ज़िम्बाब्वे ने हाल ही में पोलिसारियो फ्रंट का स्वागत किया है, जिससे इस विवाद में एक नया मोड़ आया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पोलिसारियो फ्रंट द्वारा अपने प्रभाव को बनाए रखने और मोरक्को की पहल को कमजोर करने का प्रयास है। यह घटनाक्रम शीत युद्ध के दौर की भू-राजनीतिक चालबाज़ियों की याद दिलाता है। इस समर्थन से क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका है और विवाद के समाधान की प्रक्रिया जटिल हो सकती है।
