पोलैंड और यूक्रेन के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है। यह तनाव पोलैंड के राष्ट्रपति करोल नवाक्रोकी द्वारा यूक्रेन के राष्ट्रपति को दिए गए एक प्रतिष्ठित सम्मान को वापस लेने के बाद शुरू हुआ। इस कदम के जवाब में, यूक्रेन के कई उच्च पदस्थ अधिकारियों ने वारसॉ की कड़ी आलोचना की है और अपने पोलिश सम्मानों का त्याग कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद मॉस्को के लिए एक रणनीतिक लाभ प्रदान करता है, जो दोनों देशों के बीच मतभेद को बढ़ावा दे सकता है। इस घटना से दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद जटिल संबंधों में और खटास आ गई है। स्थिति को शांत करने के लिए राजनयिक प्रयास जारी हैं, लेकिन फिलहाल कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। यह विवाद पूर्वी यूरोप में भू-राजनीतिक स्थिरता के लिए चिंता का विषय है।