बांस्का बाइस्त्रिका स्थित मातेज बेल विश्वविद्यालय के इतिहासकार मिचल श्मिगेल ने पोलैंड और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद के पीछे की वजह बताई है। यह विवाद मुख्य रूप से पूर्व यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA) की अलग-अलग व्याख्याओं पर आधारित है। पोलैंड का मानना है कि UPA ने नाजी कब्जे के दौरान विशेष रूप से वोल्हिनिया से जातीय पोलिश लोगों को बेदखल किया और उनकी हत्याएं कीं। वहीं, यूक्रेन UPA के सोवियत विरोधी प्रतिरोध और अपने [… ] के लिए संघर्ष पर जोर देता है। श्मिगेल के अनुसार, यह विवाद पोलिश राष्ट्रपति नवाक्रोकी और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच एक राष्ट्रवादी खेल का रूप ले रहा है। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक घटनाओं की अलग-अलग समझ इस तनाव को और बढ़ा रही है। यह विवाद दोनों देशों के संबंधों में जटिलता पैदा कर रहा है।
