पोलैंड नाटो और यूरोपीय संघ की परमाणु निवारण योजनाओं में शामिल होना चाहता है। हालाँकि, पोलैंड अपनी धरती पर परमाणु हथियार रखने के लिए अनिच्छुक दिखाई दे रहा है। वारसॉ का मानना है कि वह हथियारों की मेजबानी किए बिना भी निवारण ढांचे का हिस्सा बन सकता है। यह कदम रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच उठाया जा रहा है। पोलैंड का यह रुख, यूक्रेन युद्ध के कारण पूर्वी यूरोप में सुरक्षा चिंताओं को दर्शाता है। यह एक जटिल स्थिति है जिसमें पोलैंड अपनी सुरक्षा को मजबूत करना चाहता है, लेकिन साथ ही परमाणु हथियारों से जुड़े जोखिमों से बचना भी चाहता है। इस संबंध में आगे की कार्रवाई नाटो और यूरोपीय संघ के भीतर चर्चा का विषय होगी।