पोलैंड अब यूक्रेन को सौंपे जाने वाले अपने शेष MiG-29 लड़ाकू विमानों को सेवानिवृत्त कर देगा। यह निर्णय दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनीतिक मतभेदों के बीच आया है, जिसके कारण प्रस्तावित हस्तांतरण पर बातचीत विफल हो गई। पोलैंड और यूक्रेन के बीच तनाव के बढ़ने के कारण यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि विमान अब पोलैंड की वायुसेना के लिए उपयोगी नहीं हैं। इस फैसले से यूक्रेन की सैन्य सहायता को लेकर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, पोलैंड ने यूक्रेन को अन्य प्रकार की सैन्य सहायता जारी रखने की पुष्टि की है। यह कदम पूर्वी यूरोप में भू-राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना सकता है।