पोलैंड के राष्ट्रपति ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से देश का सर्वोच्च सम्मान वापस लेने का निर्णय लिया है। यह कदम ज़ेलेंस्की द्वारा एक सेना इकाई का नाम यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA) के नाम पर रखने के बाद उठाया गया है। UPA एक राष्ट्रवादी समूह था जिसने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों का नरसंहार किया था। इस फैसले से पोलैंड में आक्रोश फैल गया है और दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। पोलैंड का कहना है कि UPA ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हजारों पोलिश लोगों की हत्या की थी और ऐसे समूह को सम्मानित करना अस्वीकार्य है। यूक्रेन ने इस कदम की आलोचना की है और इसे पोलिश-यूक्रेनी संबंधों को कमजोर करने का प्रयास बताया है। इस विवाद ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है।
