पोलैंड के डिजिटल मामलों के उप-मंत्री, मिख़ाइल ग्रामैटिका ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की से ‘ऑर्डर ऑफ़ द व्हाइट ईगल’ सम्मान वापस लेने के फ़ैसले की आलोचना की है। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना और भावनात्मक बताया है। ग्रामैटिका का कहना है कि पोलैंड का मानना था कि सम्मान वापस लेने के दबाव से यूक्रेन अपनी ऐतिहासिक नीति बदलेगा, जो कि एक भोली धारणा है। उन्होंने इस कदम को ‘ब्लैकमेल’ बताते हुए कहा कि इससे यूक्रेन पर अनावश्यक दबाव बनाया गया है। इस मुद्दे पर पोलैंड के भीतर मतभेद उभर आए हैं, और सरकार के भीतर भी इस फ़ैसले पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह घटना दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव पैदा कर सकती है। सम्मान वापस लेने का निर्णय यूक्रेन के साथ पोलैंड के जटिल संबंधों और ऐतिहासिक मुद्दों को दर्शाता है।