पोलैंड ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से देश का सर्वोच्च सम्मान, ‘ऑर्डर ऑफ़ द व्हाइट ईगल’ वापस ले लिया है। यह निर्णय कीव द्वारा एक यूक्रेनी सैन्य इकाई को ‘यूक्रेनी इंसर्जेन्ट आर्मी’ (UPA) का नाम देने के बाद लिया गया है, जिससे पोलैंड में सार्वजनिक रूप से कड़ी आलोचना हुई। UPA द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान विवादास्पद गतिविधियों के लिए जानी जाती है, जिसमें पोलिश नागरिकों के खिलाफ अत्याचार भी शामिल हैं। यूक्रेन की इस कार्रवाई को पोलैंड ने अस्वीकार्य माना है। कीव ने पोलैंड के इस कदम पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ाने वाला बताया है। इस घटना से दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद मतभेद और बढ़ सकते हैं। पोलैंड ने स्पष्ट किया है कि वह UPA के अपराधों को कभी नहीं भूलेगा।
