पोलैंड के रक्षा मंत्री व्लादीस्लाव कोसिनाक-कामीश ने नाटो की परमाणु साझेदारी कार्यक्रम में पोलैंड की निरंतर रुचि की पुष्टि की है। यह बयान पावेल जालेव्स्की के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि वारसॉ अपनी धरती पर परमाणु हथियार नहीं चाहता है। इस मुद्दे पर मार्किन प्रिज्दाक ने भी अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के अधिकारियों को इस क्षेत्र में नीति की बुनियादी दिशाओं के बारे में पता होना चाहिए। कोसिनाक-कामीश के बयान जालेव्स्की की टिप्पणियों के विपरीत हैं। इस घटना ने पोलैंड के भीतर राजनीतिक असहमति पैदा कर दी है। यह असहमतियां राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की चर्चा को जन्म दे रही हैं।