पोलैंड के राष्ट्रपति कैरोल नवाроки द्वारा विधायी संशोधन पर हस्ताक्षर करने के बाद, पोलैंड में यूनानी समुदाय को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक के रूप में मान्यता दी गई है। वारसॉ में ग्रीक दूतावास की घोषणा के अनुसार, राष्ट्रीय और जातीय अल्पसंख्यकों तथा क्षेत्रीय भाषाओं से संबंधित कानून में संशोधन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। यह कदम पोलैंड में रहने वाले यूनानी समुदाय के अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा। दशकों से यूनानी समुदाय इस मान्यता की मांग कर रहा था। इस संशोधन से यूनानी भाषा और संस्कृति को पोलैंड में बढ़ावा मिलेगा। यह पोलैंड और यूनान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और बेहतर बनाने में भी सहायक होगा। यूनानी अल्पसंख्यक अब पोलैंड में अपनी विशिष्ट पहचान के साथ संरक्षित होंगे।
