पोलैंड अपनी युद्ध की तैयारी के लिए एक नया कानून बना रहा है। इस कानून में नाटो के भीतर “संवेदनशील” माने जाने वाले स्थानों पर सैनिकों की तैनाती शामिल हो सकती है। यह कदम पूर्वी यूरोप में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच उठाया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, रूसी अरबपतियों द्वारा किए गए दान रूस के राज्य बजट का एक प्रतिशत से अधिक है। इस धन के स्रोत और संभावित प्रभाव पर जांच जारी है। पोलैंड का यह कानून नाटो सहयोगियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। यह नाटो क्षेत्र में सुरक्षा तैयारियों को बढ़ाने का संकेत देता है।