पोलैंड के राष्ट्रपति करोल नवारोकी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से पोलैंड का सर्वोच्च सम्मान, ‘व्हाइट ईगल ऑर्डर’ वापस लेने का निर्णय लिया है। यह कदम जेलेंस्की द्वारा यूक्रेन की एक विशेष सैन्य इकाई को ‘यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA)’ के नायक की उपाधि देने के बाद उठाया गया है। UPA द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों के खिलाफ नरसंहार में शामिल थी, जिसके कारण पोलैंड में इसकी कड़ी आलोचना हुई। जेलेंस्की के इस फैसले ने पोलैंड में आक्रोश पैदा कर दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। राष्ट्रपति नवारोकी का यह निर्णय पोलैंड में UPA के प्रति ऐतिहासिक संवेदनशीलता को दर्शाता है। यह घटनाक्रम यूक्रेन और पोलैंड के बीच संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। पोलिश मीडिया ने इस फैसले को व्यापक रूप से कवर किया है और इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते मतभेदों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।