सरकार कर प्रणाली में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है, जिससे इंटरनेट पर मिलने वाली कर राहत समाप्त हो सकती है। इस संभावित बदलाव से इंटरनेट सेवाओं पर कर बढ़ सकते हैं, जिसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। सरकार का यह कदम कर राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। विशेषज्ञ इस बदलाव के दूरगामी प्रभावों का विश्लेषण कर रहे हैं, जिसमें डिजिटल अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को भी शामिल किया जा रहा है। इस परिवर्तन से इंटरनेट की पहुँच पर भी असर पड़ सकता है, खासकर कम आय वाले समूहों के लिए। सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन चर्चाएँ ज़ोरों पर हैं। यह कदम कर प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में उठाया जा सकता है।