पोकेमोन गो के लाखों खिलाड़ियों से एकत्र किए गए डेटा का उपयोग अमेरिकी सैन्य ड्रोन को प्रशिक्षित करने के लिए किए जाने का संदेह है। यह तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित है, जो ड्रोन की परिचालन क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकती है। इस मामले ने डेटा गोपनीयता और सैन्य उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गेमिंग डेटा का उपयोग ड्रोन के नेविगेशन और लक्ष्य निर्धारण प्रणालियों को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है। यह घटना दर्शाती है कि कैसे उपभोक्ता डेटा का उपयोग अप्रत्याशित सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। वर्तमान में इस दावे की जांच की जा रही है कि क्या वास्तव में गेमिंग डेटा का सैन्यीकरण हुआ है। यह मामला वैश्विक स्तर पर डेटा सुरक्षा और एआई नैतिकता की बहस को तेज करता है।