पीएनएल (PNL) पार्टी के एक असाधारण सम्मेलन में, अलीना गोरघियू और अन्य नेताओं के इस्तीफे की मांग का फैसला लिया गया, जिसे गोरघियू ने "अत्याचारी" बताया है। उनका कहना है कि स्वतंत्र रूप से राय व्यक्त करना कोई अपराध नहीं है। गोरघियू ने इली बोलोजान पर भी हमला किया, आरोप लगाते हुए कि उन्हें डर है कि संसद में एक उदारवादी प्रधानमंत्री नियुक्त हो सकता है। यह निर्णय पार्टी के भीतर बढ़ते तनाव और सत्ता संघर्ष को दर्शाता है। गोरघियू ने इस्तीफे की मांग को व्यक्तिगत हमले के रूप में देखा है। इस मामले ने रोमानियाई राजनीति में बहस छेड़ दी है, खासकर पीएनएल के भीतर नेतृत्व को लेकर। यह घटना पार्टी की आंतरिक एकता और भविष्य की रणनीति पर सवाल उठाती है।