प्रधानमंत्री ने कहा है कि सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन क्षेत्रों को भी विकास के लिए खोल दिया है जिन्हें पहले 'नो-गो' क्षेत्र माना जाता था। उन्होंने ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न स्रोतों का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कदम से देश में ऊर्जा उत्पादन और वितरण में सुधार होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने नई ऊर्जा नीतियों को लागू करने और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने की भी बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल का उद्देश्य भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है और देश की आर्थिक विकास को गति देना है। यह बदलाव देश की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।