यह आम धारणा है कि खेलना और कूदना एक आकस्मिक गतिविधि है। अक्सर “खेलना” शब्द का प्रयोग उन चीजों के लिए किया जाता है जिन्हें हम गंभीरता से नहीं लेते हैं, केवल मनोरंजन या अवकाश के रूप में देखते हैं। लेकिन वास्तविकता इससे अलग है। खेलना और कूदना मानव स्वभाव का एक अभिन्न अंग है, विशेष रूप से प्रारंभिक अवस्था में। यह बच्चों के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। खेल के माध्यम से बच्चे सीखते हैं, सामाजिक कौशल विकसित करते हैं और दुनिया को समझते हैं। इसलिए, खेलना और कूदना मनोरंजन से कहीं बढ़कर है; यह एक आवश्यक मानवीय गतिविधि है।