१८३६ में, पेरिस और बोर्डो के बीच स्थापित नई टेलीग्राफ प्रणाली का उपयोग करके दो भाइयों ने एक अभूतपूर्व अपराध किया। इन भाइयों ने टेलीग्राफ नेटवर्क में सेंध लगाकर गोपनीय शेयर बाजार की जानकारी हासिल की, जिससे उन्हें दूसरों से पहले महत्वपूर्ण लाभ हुआ। यह घटना इतिहास में दर्ज पहला ज्ञात साइबर अपराध है। उन्होंने तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर, वित्तीय लाभ के लिए संचार प्रणाली को हैक किया। इस हैकिंग से तत्कालीन संचार तकनीक की सुरक्षा कमजोरियों का पता चला। यह मामला टेलीग्राफ के शुरुआती दिनों में सूचना सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है। इस घटना ने भविष्य में साइबर सुरक्षा उपायों के विकास की नींव रखी।
