जबा (Jabi) विश्वविद्यालय के कुलपति ने सुफिया कमाल को नारी शिक्षा के साथ-साथ नारी अधिकारों की स्थापना में अग्रणी भूमिका निभाने वाली शख्सियत बताया। उन्होंने कहा कि सुफिया कमाल केवल नारी अधिकार आंदोलन की पथप्रदर्शक ही नहीं थीं, बल्कि मानवता, धर्मनिरपेक्षता और प्रगतिशील विचारों की भी एक उज्ज्वल प्रतीक थीं। कुलपति ने सुफिया कमाल के योगदान को सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बताया कि सुफिया कमाल ने अपने लेखन और सामाजिक कार्यों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने और समाज में उनकी भूमिका को मजबूत करने का प्रयास किया। उनका जीवन और कार्य आज भी प्रेरणादायक है। सुफिया कमाल की विचारधारा ने कई लोगों को सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शक बनी रहेगी।
