पाकिस्तान के कराची स्थित पिम्स अस्पताल में आग लगने से कम से कम 10 रोगियों की मौत हो गई, जिनमें नवजात शिशु भी शामिल थे। यह घटना अस्पताल में आपातकालीन तैयारियों की कमी को उजागर करती है। आग गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में लगी और जल्दी ही पूरे वार्ड में फैल गई। अस्पताल के कर्मचारियों और मरीजों को निकालने में मुश्किल हुई क्योंकि कई मरीज गंभीर रूप से बीमार थे और उन्हें स्थानांतरित करना कठिन था। इस त्रासदी के बाद, स्वास्थ्य अधिकारियों पर अस्पताल सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आपातकालीन योजनाओं को मजबूत करने का दबाव बढ़ गया है। कई लोगों ने अस्पताल में आग अलार्म और निकासी प्रक्रियाओं की कमी पर भी सवाल उठाए हैं। सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।