72 वर्षीय एक व्यक्ति ने पेट और शरीर को मजबूत रखने के लिए एक विशेष व्यायाम पद्धति का खुलासा किया है। यह व्यायाम पाइलेट्स से प्रेरित है और इसमें पारंपरिक पेट के व्यायाम शामिल नहीं हैं। इस पद्धति का मुख्य उद्देश्य रीढ़ की हड्डी की रक्षा करना और शरीर का संतुलन बनाए रखना है। यह गर्दन में दर्द पैदा किए बिना भी प्रभावी है। यह कम प्रभाव वाला व्यायाम उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो बिना अधिक परिश्रम के अपने पेट की मांसपेशियों को मजबूत करना चाहते हैं। इस व्यायाम से शरीर को स्थिरता मिलती है और संतुलन बेहतर होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विधि सभी उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है।