फ्रांसीसी लेखक फ़र्ग़ान अज़ीहारी ने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री थॉमस पिकेटी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अज़ीहारी का कहना है कि पिकेटी जलवायु परिवर्तन से निपटने के नाम पर उत्तरी देशों को आर्थिक रूप से कमजोर करने की वकालत कर रहे हैं। उनका दावा है कि पिकेटी और उनके समर्थक विकसित देशों को जानबूझकर गरीब बनाने की योजना बना रहे हैं। अज़ीहारी ने पिकेटी की विचारधारा को 'स्टालिनवादी मानसिकता' से प्रेरित बताया है, जो अर्थशास्त्री की आड़ में छिपी हुई है। यह आरोप पिकेटी के हालिया प्रस्तावों पर आधारित है, जिसमें जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए धन का पुनर्वितरण शामिल है। अज़ीहारी का मानना है कि यह दृष्टिकोण आर्थिक रूप से हानिकारक होगा और उत्तरी देशों के विकास को बाधित करेगा। इस विवाद ने फ्रांस में एक नई बहस छेड़ दी है।