स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने नए स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ टीबी की दवाओं की खरीद में हो रही देरी को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि इस देरी से टीबी की दवाओं का भंडार खाली हो सकता है, जिससे देश में टीबी के मरीजों के इलाज पर गंभीर असर पड़ेगा। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि दवाओं की खरीद प्रक्रिया को जानबूझकर रोका गया है। इस शिकायत से स्वास्थ्य मंत्रालय पर तत्काल कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है। टीबी एक संक्रामक रोग है और दवाओं की निरंतर आपूर्ति महत्वपूर्ण है। कार्यकर्ताओं ने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। इस मामले पर स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रतिक्रिया का इंतजार है।