शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बम की झूठी धमकियाँ देने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी जारी की है। विभाग का कहना है कि चाहे वह मजाक में ही क्यों न हो, बम से संबंधित किसी भी प्रकार की धमकी देने वाले छात्रों को अगले शैक्षणिक वर्ष में फिर से प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह फैसला छात्रों की सुरक्षा और स्कूलों में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के कृत्यों को गंभीरता से लिया जाएगा और इसके लिए कड़ी सजा दी जाएगी। छात्रों को इस बारे में जागरूक करने के लिए स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं। इस चेतावनी का उद्देश्य छात्रों को गैर-जिम्मेदार व्यवहार से रोकना और उन्हें इसके परिणामों के बारे में शिक्षित करना है। विभाग का मानना है कि यह कदम स्कूलों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में मदद करेगा।