यूरोपीय संसद ने दवा उद्योग और सौंदर्य प्रसाधन क्षेत्र द्वारा प्रदूषण नियंत्रण लागत वहन करने के नियम को लेकर हस्तक्षेप किया है। वर्तमान नियमों के अनुसार, इन उद्योगों को जल प्रदूषण को कम करने की लागत का 80 प्रतिशत हिस्सा वहन करना होगा। यह नियम फार्मास्युटिकल और कॉस्मेटिक कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ा रहा है। संसद का यह कदम इन उद्योगों पर लागू होने वाले नियमों की समीक्षा और संभावित बदलावों पर केंद्रित है। इस मुद्दे पर यूरोपीय संसद में गहन चर्चा हुई, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण की लागत के उचित बंटवारे पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस हस्तक्षेप से भविष्य में प्रदूषण नियंत्रण नीतियों में बदलाव की संभावना है।
