फला फला चोरी मामले में सुनवाई अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। इस दौरान बचाव पक्ष ने राज्य द्वारा पेश किए गए मामले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बचाव पक्ष का तर्क है कि अभियोजन का पूरा केस केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। उनके अनुसार, महीनों की सुनवाई के बाद भी कोई ऐसा प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला जो आरोपियों को फार्म के अंदर साबित करे। साथ ही, चोरी हुए डॉलर और आरोपियों के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं हो पाया है। बचाव पक्ष का मानना है कि राज्य आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत पेश करने में विफल रहा है। अब अदालत इन दलीलों के आधार पर अपना निर्णय लेगी।