कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो पर व्हॉट्सएप के माध्यम से आगामी चुनावों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगा है। उन्होंने सीधे तौर पर किसी उम्मीदवार के लिए वोट नहीं मांगे हैं, लेकिन अपने सार्वजनिक नीतियों की उपलब्धियों को उजागर किया है। पेट्रो ने मतदाताओं को अपनी नीतियों की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए वोट देने का संकेत दिया है। यह कदम कोलंबियाई राजनीति में सोशल मीडिया के उपयोग और चुनाव प्रचार पर बहस को जन्म दे सकता है। आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति पद का उपयोग चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। वहीं, समर्थकों का तर्क है कि पेट्रो केवल अपनी सरकार की सफलताओं को जनता के सामने रख रहे हैं। इस मामले पर चुनाव आयोग द्वारा जांच की जा सकती है।