स्वीडन में दुकानों में बिकने वाले अंगूरों की जाँच में अधिकांश नमूनों में कीटनाशकों के निशान पाए गए हैं, यहाँ तक कि जैविक रूप से उगाए गए अंगूरों में भी। यह खोज खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ाती है। परीक्षणों से पता चला है कि ये कीटनाशक स्तर स्वास्थ्य के लिए तत्काल खतरा नहीं हैं, लेकिन लगातार संपर्क के संभावित दीर्घकालिक प्रभावों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। शोधकर्ताओं ने उपभोक्ताओं को अंगूरों को अच्छी तरह से धोने या छीलने की सलाह दी है ताकि अवशेषों को कम किया जा सके। यह अध्ययन यह भी दर्शाता है कि जैविक खेती हमेशा कीटनाशकों के पूर्ण अभाव की गारंटी नहीं देती है, क्योंकि प्रदूषण हवा या मिट्टी के माध्यम से हो सकता है। उपभोक्ताओं को अब अंगूरों की खरीद करते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है, चाहे वे जैविक हों या नहीं। यह मुद्दा स्वीडन में खाद्य विनियमन और निगरानी के बारे में बहस को जन्म दे सकता है।