एक नए अध्ययन से पता चला है कि दुनिया भर में लगभग आधे किसान हर साल कीटनाशकों से विषाक्त हो जाते हैं। इस अध्ययन में 2006 से 2023 तक के सार्वजनिक डेटा का उपयोग किया गया, जिसमें अनुमान लगाया गया है कि प्रति वर्ष 402 से 433 मिलियन मामले किसानों और कृषि श्रमिकों के अनजाने में तीव्र कीटनाशक विषाक्तता के हैं। यह अध्ययन पेस्टिसाइड एक्शन नेटवर्क द्वारा शुरू किया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि हर साल लगभग 11,000 लोगों की मौत कीटनाशकों के कारण होती है, और इनमें से लगभग 60% मौतें भारत में होती हैं। यह आंकड़े वैश्विक खाद्य उत्पादन और कृषि श्रमिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। अध्ययन में कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग और विनियमन की आवश्यकता पर बल दिया गया है ताकि इस खतरे को कम किया जा सके। इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।