पेरू के दो राजनेता, योनही लेस्कानो और येनी विल्काटोमा ने रॉबर्टो सांचेज के उस रुख से किनारा कर लिया है जिसमें केइको फुजिमोरी की संभावित सरकार को अस्वीकार करने की बात कही गई थी। लेस्कानो का कहना है कि धोखाधड़ी के ठोस सबूतों के अभाव में आधिकारिक परिणामों का सम्मान करना आवश्यक है। वहीं, विल्काटोमा ने चेतावनी दी है कि फुजिमोरी के संभावित ताजपोशी को अस्वीकार करना पदभार संभालने का अपराध हो सकता है। यह बयान पेरू में चल रहे राजनीतिक तनाव के बीच आया है, जहां चुनाव परिणामों को लेकर विवाद जारी है। दोनों नेताओं ने कानूनी और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करने पर जोर दिया है। इस मामले में आगे क्या होता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा क्योंकि पेरू की राजनीति एक नाजुक दौर से गुजर रही है। यह स्थिति देश में राजनीतिक अस्थिरता को जन्म दे सकती है।