पेरू की इतिहासकार और सांस्कृतिक विरासत विशेषज्ञ डॉ. सेसिलिया बाकुला ने चेतावनी दी है कि देश की ऐतिहासिक विरासत “पूर्णतः नाजुक” है। उन्होंने संस्कृति क्षेत्र को मिलने वाले सीमित ध्यान और बजट पर सवाल उठाया है। नाज़्का रेखाओं और अन्य पुरातात्विक स्थलों के सामने आने वाले खतरों को देखते हुए, उन्होंने सरकार, क्षेत्रों और निजी क्षेत्र के बीच अधिक योजना, निवेश और समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उनका मानना है कि विरासत को किसी एक क्षेत्र की संपत्ति नहीं, बल्कि सभी पेरूवासियों की विरासत के रूप में समझा जाना चाहिए। डॉ. बाकुला का कहना है कि सरकार को यह समझना होगा कि संस्कृति पर खर्च नहीं किया जाता, बल्कि निवेश किया जाता है। यह लेख मूल रूप से लिमा ग्रिस में प्रकाशित हुआ था।

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