राष्ट्रीय चुनाव प्रक्रिया कार्यालय (ONPE) ने बताया है कि जुलाई 2026 से जुलाई 2031 के बीच छह राजनीतिक दलों को सार्वजनिक धन मिलेगा। यह वित्तपोषण सीधे तौर पर दिया जाएगा। ONPE के अनुसार, नए गणना में निचले और ऊपरी सदन दोनों के लिए मतदाताओं द्वारा किए गए वोटों को शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि राजनीतिक दलों को मिलने वाली धनराशि लगभग तिगुनी हो जाएगी। यह पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दों को जन्म दे सकता है। इस सार्वजनिक वित्तपोषण का उद्देश्य राजनीतिक दलों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने और चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने में सक्षम बनाना है। यह राजनीतिक दलों के बीच समानता को बढ़ावा देने में भी मदद कर सकता है।