पेरू लिब्रे पार्टी के नेता, व्लादिमीर सेरॉन ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से यह दावा किया है कि जब वे छिपे हुए थे, तब उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जोस मारिया बालकाज़र से संवाद बनाए रखा था। सेरॉन गुरुवार को फिर से सामने आए, जिसके बाद उन्होंने यह जानकारी दी। यह बयान पेरू की राजनीति में महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सेरॉन और बालकाज़र के बीच संबंधों को दर्शाता है, खासकर उस अवधि के दौरान जब सेरॉन कथित तौर पर छिप रहे थे। इस दावे से कई सवाल उठ रहे हैं कि बातचीत कैसे हुई और इसका उद्देश्य क्या था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना पेरू की राजनीतिक अस्थिरता और भ्रष्टाचार के आरोपों को और बढ़ा सकती है। सेरॉन के इस बयान के बाद विपक्ष ने जांच की मांग की है। यह मामला पेरू में आगे चलकर राजनीतिक वाद-विवाद का विषय बन सकता है।