पेरू ने फॉकलैंड युद्ध के दौरान अर्जेंटीना को सैन्य और राजनयिक सहायता प्रदान कर उसका समर्थन किया था। हालांकि, इसके तेरह साल बाद कार्लोस मेनेम की भ्रष्ट सरकार ने एक विवादास्पद कदम उठाया। शांति के गारंटर होने के बावजूद, मेनेम सरकार ने सेनापा युद्ध के दौरान इक्वाडोर को हथियार भेजे। इन हथियारों में 36 तोपें शामिल थीं, जिसने क्षेत्र में तनाव को बढ़ाया। यह घटना अर्जेंटीना और पेरू के बीच एक ऐतिहासिक घाव बन गई। इसके बावजूद, यह सौभाग्यपूर्ण रहा कि इस विवाद ने दोनों देशों के लोगों के बीच के भाईचारे को नहीं तोड़ा। यह पूरी कहानी 'लीमा ग्रिस' में प्रकाशित की गई है।

English
Français
Español
हिन्दी
中文