इस सप्ताह, उत्तरी गोलार्ध में रहने वाले लोग परसीड उल्का वर्षा के चरम का आनंद ले सकेंगे। गुरुवार की रात को होने वाली इस वर्षा में प्रति घंटे 50 से 100 उल्काएं दिखाई देने की उम्मीद है। अनुकूल परिस्थितियों में, यह खगोलीय घटना एक शानदार दृश्य प्रस्तुत करेगी। उसी रात, एस्टोनिया में एक आंशिक सूर्यग्रहण भी देखा जाएगा। यह दुर्लभ संयोग खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए विशेष रूप से रोमांचक होगा। उल्का वर्षा स्विफ्ट-टटले नामक धूमकेतु के कणों के पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने के कारण होती है। सूर्यग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है, जिससे सूर्य का प्रकाश अवरुद्ध हो जाता है।