मनोविज्ञानियों के अनुसार, जो लोग कभी भी सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट नहीं करते हैं, वे केवल गोपनीयता की तलाश नहीं करते। बल्कि, उनमें बाहरी स्वीकृति की आवश्यकता भी कम होती है। ऐसे लोगों में भावनात्मक संवेदनशीलता का स्तर भी अधिक पाया जाता है। शोध से पता चलता है कि ये व्यक्ति आंतरिक रूप से संतुष्ट होते हैं और उन्हें दूसरों से लगातार प्रशंसा या मान्यता की आवश्यकता महसूस नहीं होती। गोपनीयता की चिंता भी एक कारण हो सकता है, लेकिन यह एकमात्र कारण नहीं है। यह व्यवहार मजबूत आत्म-सम्मान और स्वतंत्र सोच का संकेत भी दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर सक्रिय न रहने का निर्णय व्यक्तिगत मूल्यों और प्राथमिकताओं पर आधारित होता है।